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अभद्र व्यवहार से इंसान अपना वजूद खो देता है

अभद्र व्यवहार से इंसान अपना वजूद खो देता है उसे समाज में हीन भावना का सामना करना पड़ता है अपनी खराब परिस्थितियों को से इंसान को हार नहीं मानना चाहिए निरंतर कर्म करने से भाग्य की रेखा में परिवर्तन हो जाता है

हकीकत को कोई ज्यादा दिन तक

हकीकत को कोई ज्यादा दिन तक छुपा नहीं सकता झूठ का पर्दा लगाकर कोई सच्चाई को दबा नहीं सकता

इकबाल जानना जरूरी है वह बात होठों पर लाकर टाल देते हैं उलझकर रह जाती हूं मुश्किलों में डाल देते हैं

कोई बेवफा हो जाए तो क्या मगर उसकी वफ़ा को भुला नहीं सकता उसकी मोहब्बत याद बनकर रहेगी 

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अभद्र व्यवहार से इंसान अपना वजूद खो देता है उसे समाज में हीन भावना का सामना करना पड़ता है अपनी खराब परिस्थितियों को से इंसान को हार नहीं मानना चाहिए निरंतर कर्म करने से भाग्य की रेखा में परिवर्तन हो जाता है

फुर्सत में तेरे इश्क का जाम पीना चाहता हूं

फुर्सत में तेरे इश्क का जाम पीना चाहता हूं जिंदगी को जी भर के जीना चाहता हूं अपना सहयोग देती रहना हमसफ़र बनकर नहीं तो तुम्हारे बिना यह जिंदगी अधूरी रह जाएगी

तुम अगर चाहोगी जिंदगी में खुशियों की बरसात होगी

तुम अगर चाहोगी जिंदगी में खुशियों की बरसात होगी पहली मुलाकात में दोनों जिस तरह अपने दिल की बात कहने को बेकरार थे हर मुलाकात और ज्यादा हसीन होगी तुम्हारे बिना जीना नहीं चाहता हूं दूर होने की बात तुम जो कहोगी अपने हाथों से अपना इंतकाम लिख देंगे